30वें शहादत दिवस पर दी गई शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि रणधीर वर्मा चौक का होगा नवीकरण : उपायुक्त

30वें शहादत दिवस पर दी गई शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि  रणधीर वर्मा चौक का होगा नवीकरण : उपायुक्त

30वें शहादत दिवस पर दी गई शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि

रणधीर वर्मा चौक का होगा नवीकरण : उपायुक्त

Dhanbad : वीरता के लिए सर्वोच्च पदक अशोक-चक्र से सम्मानित जांबाज पुलिस अधिकारी शहीद रणधीर प्रसाद वर्मा के 30वें शहादत दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। रणधीर वर्मा चौक पर शहीद की आदमकद प्रतिमा पर शहीद की धर्मपत्नी प्रो रीता वर्मा उपायुक्त , एसएसपी , सिटी एसपी , एएसपी , एसडीएम समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारियों के अलावे सांसद , विधायक विभिन्न दलों के नेता व कार्यकर्ता गणमान्य लोगों ने शहीद की आदम कद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।

इस अवसर पर सबो ने एक स्वर से कहा जांबाज अशोक चक्र से सम्मानित शहीद रणधीर वर्मा युगों युगों तक याद किये जायेंगे। उपायुक्त ने कहा स्मारक स्थल काफी पुराना है। प्रो रीता वर्मा ने चौक के नवीकरण की मांग रखी है। निश्चित तौर पर चौक का नवीकरण किया जाएगा।

अगले कुछ माह में नवीकरण का कार्य पूरा करा लिया जाएगा। शहीद के प्रति जिला प्रशासन की यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा शहीद वर्मा धनबाद वासियों , युवाओ के प्रेरणास्रोत है। इन्हें हमेशा याद किया जाएगा। एसएसपी ने कहा शहीद वर्मा जिन्होंने आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनका देश के प्रति बलिदान प्रेणादायी है। प्रो रीता वर्मा ने कहा देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। आज हम सभी उन्हें याद कर रहे है।

सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। इस बार कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए संगीतमय श्रद्धांजिल का कार्यक्रम स्थगित रहा। गौरतलब है कि शहीद को संगीतमय श्रद्धांजलि देने की परंपरा रही है। जिस समय रणधीर वर्मा ने वीरगति पाई थी, उसी समय से “वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड़ परायी जाणे रे…. भजन के साथ कार्यक्रम की शुरूआत होती थी।

इसके बाद “अल्लाह तेरो नाम, ईश्वर तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान….” प्रस्तुत किया जाता था। इस कार्यक्रम में रणधीर वर्मा को प्रिय “मन लागो मेरो यार फकीरी में…..” अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाता था। रणधीर वर्मा को संत कबीर की फकीरी प्रिय थी तो इसकी वजह भी थी। कहते हैं कि जो फकीर होने को राजी हो जाता है, वह बादशाह हो जाता है। रणधीर वर्मा प्रेम करूणा और दया के सागर थे।

उन्होंने जीवन आम आदमी की तरह जिया और वीरगति पाई तो बादशाह की तरह यात्रा हो गई थी। बैंक मोड़ थाने में भी उपरोक्त लोगो ने शहीद को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। यहाँ उपस्थित हुए विधायक राज सिन्हा ने कहा रणधीर प्रसाद वर्मा आतंकियों से लोहा लेते हुए प्राणों की आहुति दी। ऐसे वीर पुलिस अधीक्षक को शतशत नमन है।

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